Gorakhpur me ghumne ki jagah
Gorakhpur me ghumne ki jagah

Gorakhpur me ghumne ki jagah|जाने खाने और रहने का खर्चा

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TopicGorakhpur me ghumne ki jagah
AuthorSudesh Gawde
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1. गोरखपुर में पर्यटन स्थल (Tourist Destinations in Gorakhpur): गोरखपुर उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, जो महायोगी गोरखनाथ के मंदिर के लिए प्रसिद्ध है।

इसके अलावा, यहाँ कई और आकर्षण भी हैं, जैसे कि अगोरक्षन चाइल्ड्रेन पार्क और नीमा हटिया देवी मंदिर।

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2. गोरखपुर के मशहूर मंदिर (Famous Temples in Gorakhpur): गोरखपुर के अनेक मंदिर धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व के साथ हैं, जैसे कि गोरखनाथ मंदिर, तारापीठ, और श्री गौरीशंकर मंदिर।

3. राजमार्ग: गोरखपुर की सैर (Roads: Exploring Gorakhpur): गोरखपुर के सुंदर राजमार्ग आपको शहर के हर कोने तक ले जाते हैं, और इनमें सैर करना एक आनंदमय अनुभव होता है। सुबह की चाय के साथ सैर करना शहर की जगहों को खोजने का अच्छा तरीका होता है।

4. गोरखपुर के ऐतिहासिक स्थल (Historical Sites in Gorakhpur): शहर में कई महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल हैं, जैसे कि चुराघुटा महादेव मंदिर, गोरखनाथ की छवि, और श्रीकृष्ण सांद गोपाल कृष्ण मंदिर।

5. गोरखपुर के पार्क और बाग (Parks and Gardens in Gorakhpur): शहर में विशाल पार्क और बाग हैं, जो प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के लिए आदर्श हैं, जैसे कि गोरखपुर जू जू पार्क और वीर बाना सिंह पार्क।

Gorakhpur me मशहूर खाना: (Gorakhpur Most popular Food

भोजन का नगर**

गोरखपुर, उत्तर प्रदेश के एक खूबसूरत शहर के रूप में न केवल अपनी सौंदर्यता से प्रसिद्ध है, बल्कि यहां के स्वादिष्ट खाने भी यहां की धरोहर का हिस्सा हैं। यहां का खाना विविधता से भरपूर है और यहां के लोग अपने रसोईघरों में खास व्यंजन बनाने में माहिर हैं।

**1. गोरखपुर का मिष्ठान (Sweets of Gorakhpur)**

गोरखपुर का सबसे मशहूर मिष्ठान है “पेड़ा”। यह स्वादिष्ट मिठाई दूध, खोया, और चीनी से बनती है और विशेष तरीके से तैयार की जाती है। गोरखपुर के मोहनथाल भी यहां की एक और मशहूर मिठाई है, जो बेहद स्वादिष्ट होती है।

2. पेड़ा और मोहनथाल (Peda and Mohanthal)

**पेड़ा और मोहनथाल गोरखपुर के निष्कलंक स्वाद की प्रतीक हैं। इन मिठाइयों का स्वाद यादगार होता है और यात्री भी इन्हें खरीदने के लिए शहर आते हैं।

3. कचौरी और आलू की सब्ज़ी (Kachori and Aloo ki Sabzi)**

गोरखपुर की सड़क किनारों पर मिलने वाली कचौरी और आलू की सब्ज़ी यात्री और स्थानीय लोगों की पसंद है। इसकी खुशबू और रसदारी खास होती है।

4. गोरखपुर का स्पेशल बिरयानी (Gorakhpur’s Special Biryani)

**गोरखपुर में बिरयानी एक खास रुचिकर आवश्यकता है। यहां की बिरयानी मसालों का खास स्वाद लेती है और आपको एक अद्वितीय खाने का अनुभव दिलाती है।

5. लिट्टी और चोखा (Litti and Chokha)

गोरखपुर के पैरांठों की तरह, यहां का लिट्टी और चोखा भी अत्यंत लोकप्रिय है।

लिट्टी गर्मे-गरम देशी घी के साथ परोसी जाती है, जबकि चोखा ताजगी से भरपूर होता है।इन स्वादिष्ट खानों के साथ, गोरखपुर एक स्वादपूर्ण भोजन का संरचना करता है, जो आपको अपनी यात्रा का वास्तविक स्वाद दिलाता है। इन खानों का स्वाद और यहां के खाने के तरीके का आनंद लें और गोरखपुर के खाने के संदर्भ में एक साथी भूख अनुभव करें।

Gorakhpur Budget Guest House

1. **सरस्वती गेस्ट हाउस**:

यहां के कमरे आपके बजट के अंदर मिल सकते हैं और यह शहर के मुख्य आकर्षणों के पास स्थित है।

2. **जगदम्बा गेस्ट हाउस**:

यह एक अन्य बजट-मित्र विकल्प है जो आपके बजट में आ सकता है और शहर के मुख्य स्थलों के पास है।

3. **प्रमोद गेस्ट हाउस**:

यह भी आपके बजट के अंदर हो सकता है और शहर के कई स्थलों के नजदीक है।

4. **अर्चना गेस्ट हाउस**:

यदि आपका बजट थोड़ा अधिक है, तो इस गेस्ट हाउस के कुछ कमरे आपके लिए उपयुक्त हो सकते हैं।यदि आप इन जगहों के बारे में अधिक जानकारी चाहते हैं, तो आप इनकी वेबसाइटों पर जांच सकते हैं या स्थानीय यात्रा एजेंसियों से संपर्क कर सकते हैं। यह आपके गोरखपुर यात्रा को सुखद बनाने में मदद करेगा।

Gorakhpur me ghumne ki jagah

Gorakhpur me ghumne खाने और रहने का खर्चा

आवास की लागत (Cost of Accommodation):

  • आपके बजट के अनुसार आवास की लागत विभिन्न हो सकती है।
  • सामान्य आवास: ₹1,200 से ₹2,000 प्रति रात।
  1. यातायात और परिवहन (Transportation and Travel):
  • आवास से यातायात की लागत शहर के आने जाने के तरीकों पर निर्भर करेगी.
  • सार्थक यात्रा: ट्रेन, बस, या हवाई यातायात की लागत – ₹500 से ₹2,000 तक.
  1. भोजन का खर्च (Food Expenses):
  • आपके पसंदीदा खाने के स्थल पर खर्च विभिन्न हो सकता है।
  • सामान्य रेस्टोरेंट: ₹200 से ₹500 प्रति व्यक्ति प्रतिदिन.
  1. पर्यटन स्थलों का दर (Entrance Fees to Tourist Places):
  • पर्यटन स्थलों के प्रवेश शुल्क: ₹50 से ₹500 प्रति व्यक्ति, प्रति स्थल आधारित।
  1. खरीददारी का खर्च (Shopping Expenses):
  • खरीददारी की लागत आपके खरीददारी के हिसाब के अनुसार बदल सकती है।
  • स्थानीय वस्त्र और आकृति: ₹500 से ₹2,000 या अधिक.
  1. व्यापारिक क्षेत्र और विभिन्न बाजारों का खर्च (Commercial Areas and Market Expenses):
  • यह विभिन्न खरीददारी क्षेत्रों के आधार पर अलग हो सकता है.
  • व्यापारिक क्षेत्र में खरीददारी: ₹500 से ₹2,000 या अधिक.
  1. विशेष आवश्यकताओं का खर्च (Special Needs Expenses):
  • जैसे कि व्यक्तिगत आवश्यकताओं के लिए टिकट और मेडिकल खर्च.
  • विशेष आवश्यकताओं का खर्च: ₹100 से ₹1,000 तक.
  1. मनोरंजन और विभिन्न गतिविधियों का खर्च (Entertainment and Activities Expenses):
  • गोरखपुर में मनोरंजन और गतिविधियों के खर्च: ₹200 से ₹1,000 तक.
  1. आपूर्ति के खर्च (Miscellaneous Expenses):
  • अन्य खर्चों की जानकारी, जैसे कि स्थानीय परियोजनाएं और सूचना प्राप्ति के लिए खर्च।
  • आपूर्ति के खर्च: ₹100 से ₹500 तक.
  1. सामान्य खर्च (General Expenses):
    • यात्रा के लिए सामान्य खर्च, जैसे कि बजट की जरूरतों के अनुसार.
    • सामान्य खर्च: ₹500 से ₹1,000 तक.

इस तरह, गोरखपुर जाने के लिए खर्च का विवरण आपको यात्रा की आरामदायकता के साथ अपने बजट के अनुसार योजना बनाने में मदद कर सकता है। आपकी यात्रा को सुरक्षित और सुखद बनाने की हार्दिक शुभकामनाएं!

Aaj Tak

FAQs of gorakhpur me ghumne ki jagah

Gorakhpur mein Ghumne ki jagah कौन कौन si hai?

यहां के प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर , विष्णु मंदिर, गीता वटिका, गीता प्रेस, चौरीचौरा शहीद स्मारक आगंतुकों को आकर्षित करते हैं । अन्य देखने योग्य स्थान जैसे यहां का आरोग्य मंदिर, इमामबाड़ा, रामगढ़ ताल, पुरातात्विक बौद्ध संग्रहालय, नक्षत्रशाला आदि पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।

गोरखपुर में घूमने के लिए कितने दिन चाहिए?

गोरखपुर में घूमने के लिए कितने दिन चाहिए?

गोरखपुर क्यों फेमस है?

यह जनपद महान भगवान बुद्ध, जो बौद्ध धर्म के संस्थापक है, जिन्होंने 600 ई. पू. रोहिन नदी के तटपर अपने राजसी वेशभूषाओं को त्याग दिया और सच्चाई की खोज में निकल पड़े थे उनसे जुड़ा है । यह जनपद भगवान महावीर, 24 वीं तीर्थंकर, जैन धर्म के संस्थापक के साथ भी जुड़ा हुआ है।

गोरखपुर चिड़ियाघर का टाइम क्या है?

गोरखपुर चिडिय़ाघर में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बुधवार से सुबह 830 बजे से 1030 तक और दोपहर में एक बजे से लेकर तीन बजे तक ही मुख्य गेट खुला रहा। इस अवधि में गेट के अंदर आने वाले लोग ही टिकट लेकर चिडिय़ाघर में प्रवेश मिला। गोरखपुर, जेएनएन।

गोरखपुर में कौन सी झील है?

सीएम सिटी गोरखपुर की रामगढ़ झील प्रदेश की पहली अधिसूचित वेटलैंड बन गई है। प्रारंभिक अधिसूचना के बाद सभी आपत्तियों को दूर करते हुए प्रदेश सरकार ने अंतिम प्रकाशन कर दिया है। 742.245 हेक्टेयर में फैली इस झील को अब ‘रामगढ़ ताल आर्द्रभूमि, जिला गोरखपुर‘ के नाम से जाना जाएगा।

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